कृतिका ( हरिद्वार) उत्तराखंड
ऋषिकेश/रायवाला। गोहरी माफी, रायवाला में गंगा वॉटर पार्क के सामने हरिद्वार रोड पर श्री सिद्ध तारापीठ मंदिर का भूमि पूजन समारोह तंत्राचार्य, मंत्र मार्तण्ड परम पूज्य गुरुदेव डॉ. बलबीर सिंह राजावत के सानिध्य में श्रद्धा एवं दिव्य आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। हिमालय का सिद्ध योगी ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित समारोह में मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ आध्यात्मिक चेतना और समाजसेवा का संदेश दिया गया।
गुरुदेव डॉ. बलबीर सिंह राजावत ने मां तारा महाविद्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म की शक्ति उपासना परंपरा में दस महाविद्याओं का विशेष स्थान है। मां तारा दस महाविद्याओं में द्वितीय महाविद्या के रूप में पूजनीय हैं। उनकी उपासना साधकों को आध्यात्मिक साधना, ज्ञान और आत्मिक उन्नति की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि उनका जीवन उत्तराखंड की पावन धरती पर साधना करते हुए व्यतीत हुआ है। ऐसे में देवभूमि उत्तराखंड के गोहरी माफी, रायवाला में श्री सिद्ध तारापीठ मंदिर का निर्माण प्रारंभ होना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है। यह सिद्धपीठ धार्मिक आस्था और साधना के साथ-साथ सामाजिक सेवा के कार्यों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।
गुरुदेव ने बताया कि मंदिर परिसर में बालिकाओं के लिए गुरुकुल की व्यवस्था करने की भी योजना है, जिससे उन्हें शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिलेगा। हिमालय का सिद्ध योगी ट्रस्ट आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है।
उन्होंने कहा कि श्री सिद्ध तारापीठ मंदिर का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। मंदिर को मां तारा की आराधना, आध्यात्मिक साधना, बालिका शिक्षा और समाजसेवा के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है।